2जी केस: NGO का सुप्रीम कोर्ट में व्हिसलब्लोअर का नाम बताने से इंकार
(DELHI, India) एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि नाम का खुलासा होने पर व्हिसलब्लोअर की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी।
प्रशांत भूषण ने याचिका में आरोप लगाया है कि सिन्हा ने टूजी घोटाले के आरोपियों और आरोपी कंपनियों के अधिकारियों से अपने आवास पर मुलाकात की इसलिए उन्हें टू जी घोटाले की जांच से हटाया जाये। व्हिस्लब्लोअर से सीबीआई निदेशक के सरकारी आवास के आगंतुक रजिस्टर मिलने का हवाला देते हुए भूषण ने आरोप लगाये कि टू जी घोटाले एवं अन्य मामलों के कई आरोपियों और आरोपी कंपनियों के अधिकारियों ने सिन्हा के आवास का लगातार दौरा किया। गौर हो कि इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा को 2जी मामले के आरोपियों से मिलने और जांच को प्रभावित करने के आरोप से फौरी राहत दे दी थी। शीर्ष अदालत ने यह आरोप लगाने वाली संस्था सीपीआइएल के वकील प्रशांत भूषण से उस व्हिसिल ब्लोअर का नाम बताने को कहा था जिसने उन्हें रंजीत सिन्हा के घर आने जाने वालों का गेस्ट डायरी और सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं। न्यायमूर्ति एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने भूषण को सीलबंद लिफाफे में व्हिसिल ब्लोअर का नाम कोर्ट को देने का निर्देश दिया था। सीपीआइएल ने अर्जी दाखिल कर सिन्हा पर आरोपियों से मिलने और मामला प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उन्हें 2जी जांच से अलग करने की मांग की है। कोर्ट ने आरोपों पर सिन्हा से जवाब मांगा था। सिन्हा ने कोर्ट के निर्देश पर हलफनामा दाखिल कर सभी आरोपों को गलत बताया है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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