(India)
यह फिल्म एक आदिवासी महिला की अपने लापता पति की तलाश से जुड़ी जद्दोजहद की कहानी बयां करती है। फिल्म में गीतांजलि थापा और नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म फेडेरेशन आफ इंडिया (एफएफआई) के महासचिव सुपर्ण सेन ने बताया कि मलयाली अभिनेत्री गीतू मोहनदास की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘लायर्स डाइस’ ने ‘मैरीकॉम’ समेत 29 दूसरी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए अगले साल होने वाले ऑस्कर पुरस्कारों के 87वें संस्करण में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि का दर्जा हासिल किया। ऑस्कर प्रविष्टि की दौड़ में शामिल दूसरी फिल्मों में हिंदी फिल्में ‘शाहिद’, ‘क्वीन’ एवं ‘मर्दानी’, मराठी फिल्में ‘यलो’ एवं ‘फैंड्री’ और बंगाली फिल्में ‘जतिश्वर’ एवं ‘अपुर पांचाली’ थीं। प्रतिष्ठित फिल्मकार टी हरिहरण की अध्यक्षता वाले 12 सदस्यीय निर्णायक मंडल ने 30 प्रवष्टियों में से 104 मिनट की अवधि वाली इस फीचर फिल्म का चयन किया। ‘लायर्स डाइस’ भारत-तिब्बत सीमा के पास एक गांव में रहने वाली एक युवा आदिवासी महिला (गीतांजलि थापा) की कहानी है जो अपने लापता पति की तलाश में दिल्ली के लिए निकलती है। रास्ते में उसकी मुलाकात सेना की नौकरी छोड़कर भागे एक व्यक्ति से होती है जिसका किरदार सिद्दीकी ने निभाया है। यह व्यक्ति महिला को उसके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उसके साथ चलने का फैसला करता है
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