उद्धव-राज के बीच फोन पर गुफ्तगूं, एक मंच पर आने की अटकलें तेज
(MAHARASHTRA, India) राज ठाकरे कई दिनों से बीमार चल रहे हैं। उद्धव द्वारा राज ठाकरे का हालचाल पूछे जाने के बाद सियासी गलियारे में इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक हालात एवं विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों भाई एक साथ आ सकते हैं। शिवसेना और भाजपा का 25 साल पुराना गठबंधन गुरुवार को टूट गया। चूंकि राजनीति में कोई स्थायी शुत्र अथवा मित्र नहीं होता। ऐसे में चुनावी पंडितों का मानना है कि उद्धव की ओर से राज ठाकरे का हालचाल पूछा जाना महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरण बनाए जाने का संकेत हो सकता है। हालांकि, राज ठाकरे अथवा शिवसेना की ओर से इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है। लेकिन पिछले समय में ऐसे कई मौके आए हैं जब दोनों भाइयों के साथ आने की अटकलें लगाई जा चुकी हैं। चुनावी पंडितों का यह भी कहना है कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना और छोटे दलों के गठबंधन वाला जो महायुति था वह टूट जाने से भाजपा और शिवसेना दोनों कमजोर हुए हैं। यही हालात कांग्रेस और राकांपा का भी है। ऐसे में जिस पार्टी के पास जितने सहयोगी होंगे उसे विधानसभा चुनाव में उतना ही फायदा हो सकता है। भाजपा-शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन टूटने से महाराष्ट्र की राजनीति में नए गठबंधन की संभावनाओं के द्वार खुले हैं। राजनीति को संभावनाओं का खेल माना जाता है। शिवसेना-मनसे के बीच यदि नजदीकी बढ़ती है तो इसे हैरानी पूर्वक नहीं देखा जाना चाहिए लेकिन यह भी सच है कि दोनों पार्टियां यदि अपने पुराने गले-शिकेव भुलाकर एक साथ आती हैं तो यह गठबंधन महाराष्ट्र की राजनीति को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है। गौरतलब है कि सीट बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच 25 साल पुराना गठबंधन गुरुवार को टूट गया। हालांकि गठबंधन टूटने के पीछे उद्धव ठाकरे की मुख्यमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा बताई जा रही है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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