(India)
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने दाउद, शकील और चंडीगढ़ के संदीप शर्मा को भगोड़ा घोषित किया क्योंकि वे गिरफ्तारी से बच रहे हैं। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने इन तीनों के अलावा संदिग्ध किक्रेटरों एस श्रीसंत, अजीत चंदेला, अंकित चव्हाण और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान विशेष प्रकोष्ठ ने अदालत से कहा कि मुंबई में दाउद और शकील की संपत्ति पहले ही 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले में जब्त की जा चुकी है। विशेष प्रकोष्ठ ने यह भी कहा कि जांच में यह बात भी सामने आयी कि 1993 से वे भारत नहीं आए हैं। उसने कहा कि दाउद के नाम से मुंबई में डोंगरी में संपत्ति है जबकि शकील के नाम से नागपाड़ा में संपत्ति है। पुलिस ने अदालत से कहा कि उन्होंने मुंबई में दाउद और शकील के पडोसियों से भी पूछताछ की तथा उन लोगों ने सूचित किया कि दोनों आरोपी 1993 से उस इलाके में नहीं दिखे हैं। अदालत ने उन आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे जिनके खिलाफ मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 14 नवंबर तय की है। पुलिस के अनुसार संदीप मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी था क्योंकि और वह दाउद द्वारा संचालित उस गिरोह (सिंडिकेट) का हिस्सा था जो आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में शामिल था। अदालत ने इस मामले में पिछले साल 10 जून को क्रिकेटर एस श्रीसंत, अजित चंदीला, अंकित चव्हाण और अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में जमानत दे दी थी। इन पर कड़े प्रावधान वाले मकोका कानून के तहत आरोप लगाए गए थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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