प्रधानमंत्री ने राजपथ से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा कि न मैं गंदगी करूंगा और न ही करने दूंगा। बापू ने हमें सफाई का नारा दिया था। बापू ने देश को गुलामी से मुक्त कराया। लेकिन बापू का क्लीन इंडिया का सपना अभी अधूरा है। गांधी ने स्वच्छ, विकसित देश की कल्पना की थी। आज बापू चश्मे से सब कुछ देख रहे हैं। इसलिए देश की मौजूदा स्थिति को बदलना है। मेरी सरकार पर भरोसा न करें लेकिन महात्मा गांधी पर करें। इस सफाई अभियान को मां भारती की भक्ति से जोडि़ए। गंदगी को दूर कर देश की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। स्वच्छ भारत अभियान हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। गांधी का सपना सिर्फ राजनैतिक आजादी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस देश की सभी सरकारों ने सफाई को लेकर कई प्रयास किए हैं। उनके प्रयासों की मैं सराहना करता हूं और वे अभिनंदन के अधिकारी हैं। सफाई और विकास के लिए सभी सरकारों का अभिनंदन करता हूं। पीएम भी पहले भारत मां की संतान है और उसके बाद ही प्रधानमंत्री है। हम सबका दायित्व बनता है कि बापू के सपनों को हम सब मिलकर पूरा करें। स्वच्छ भारत अभियान को आज जनआंदोलन बनाने की जरूरत है। हमारे पास 2019 तक का समय है और हम सबको मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाना है। यदि इस सफाई अभियान को लेकर मुझे आलोचना भी झेलनी पड़ेगी तो इसके लिए मैं तैयार हूं। लेकिन इस अभियान में कोताही नहीं बरती जाएगी। बापू के सपने को पूरा करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। हमारी कोशिश एक प्रेरणामयी वातावरण बनाने की होनी चाहिए ताकि इस अभियान को सफलता का मुकाम मिल सके। कई संगठन अपने अपने तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे हैं, इसे सामने लाने की जरूरत है। इसलिए राष्ट्रभक्ति से प्रेरित होकर सफाई का काम करना चाहिए। मुझे इस बात का विश्वास है कि सवा सौ करोड़ देशवासी इस काम को पूरा करने में सफल होंगे। इस अभियान में जितना अधिक जनसामान्य को जोड़ेंगे, उतना अधिक लाभ होगा। सफाई का काम सिर्फ सरकार का नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य का काम है। इस मिशन से से जुड़ने के लिए राष्ट्रनीति से प्रेरित होकर काम करना है। पीएम ने कहा कि इसके लिए सोशल मीडिया पर एक अभियान की शुरुआत की है। सोशल मीडिया पर इस अभियान के लिए 9 लोगों को आमंत्रित किया है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर के लिए महात्मा गांधी के स्मारक पर गए। हल्के नीले रंग का कुर्ता और सफेद रंग की नेहरू जैकेट पहने मोदी सुबह 7 बजकर लगभग 40 मिनट पर राजघाट पहुंचे। वेंकैया नायडू वहां पहले से मौजूद थे। मोदी सीधे बापू की ‘समाधि’ पर गए। वहां पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मोदी ने सिर झुकाकर राष्ट्रपिता को नमन किया। लोगों के बठने की जगह की ओर बढ़ते हुए वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हाथ जोड़कर एक दूसरे का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री कुछ देर वहां बैठे और फिर अपने अन्य तय कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए। बापू की जयंती के अवसर पर राजघाट में एक सर्व-धर्म प्रार्थना की गई और महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन वहां बजाए गए। राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, विदेशी नागरिक और आम लोग भी राजघाट में एकत्र हुए थे।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।