(India)
इस मौके पर उनकी पत्नी शबाना आजमी ने कहा कि वह अपने शौहर के इस शानदार सफर को इज्जत के साथ देखती हैं। अख्तर (69) 1964 में मुंबई पहुंचे थे। फिल्म उद्योग में काम पाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और फिर 1969 में उन्हें धर्मेंद्र अभिनीत ‘यकीन’ में काम मिला। इस फिल्म के संवाद में उन्होंने योगदान दिया।शबाना ने ट्विटर पर कहा, ‘50 साल पहले जावेद अख्तर फिल्म में करियर बनाने मुंबई आए थे और वह कई दिनों तक बिना भोजन के सड़क पर सोए। उनके पास सिर्फ प्रतिभा और प्रतिबद्धता थी। मैं सम्मान करती हूं।’
सलीम खान के साथ जावेद अख्तर ने जोड़ी बनाई और दोनों की लेखनी ने हिंदी सिनेमा को ‘शोले’ और ‘दीवार’ जैसी कई शानदार फिल्में दीं।
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