(India)
टेस्ट क्रिकेट में शानदार पदार्पण के बाद शिखर धवन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कड़वी सच्चाईयों से भी रू-ब-रू होना पड़ा और इस सलामी बल्लेबाज ने यहां कहा कि पिछले साल उन्होंने अपने करियर में उतार चढ़ाव दोनों देखे हैं और उन्हें सफलता के साथ साथ असफलता की कीमत का भी पता चला है। धवन ने कहा कि इंग्लैंड में असफलता से उन्हें बेहतर बल्लेबाज बनने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, ‘पिछले एक साल में मैंने काफी कुछ सीखा क्योंकि मैंने सफलता और असफलता दोनों देखी। यदि आप नहीं जानते कि असफलता क्या होती है तो फिर आप सफलता का लुत्फ नहीं उठा सकते। मैं हर दिन सीख रहा हूं।’ धवन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कल यहां होने वाले दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘उन छह पारियों (इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में) जिनमें नाकाम रहा, से संभवत: मुझे 50 अच्छी पारियां खेलने में मदद मिलेगी।’ उन्होंने खुलासा किया कि जब वह बुरे दौर से गुजर रहे थे तब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने उनका पूरा साथ दिया जिससे उनका हौसला बढ़ा। धवन ने कहा, ‘एक खिलाड़ी के लिये यह महत्वपूर्ण है कि जब वह बुरे दौर से गुजर रहा हो तो उसे कप्तान का समर्थन हासिल हो और मुझे कप्तान का समर्थन मिला। वह लंबे समय से भारतीय टीम का कप्तान है और जानता है कि खिलाड़ी की जरूरत क्या है। यहां तक कि सहयोगी स्टाफ ने भी मुझे अपना नैसर्गिक खेल खेलने के लिये प्रेरित किया।’
Author: JAN TV Editorial Team
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