मैं जनता को जवाब दूंगा, जनता ही मेरी हाईकमान: नरेंद्र मोदी
(MAHARASHTRA, India) प्रधानमंत्री ने ये बातें कांग्रेस की ओर से सरकार के कामकाज का हिसाब मांगे जाने के बाद कही। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के मेरे कुछ मित्र मेरे कामकाज का हिसाब किताब मांग रहे हैं। जबकि कांग्रेस ने अपनी लंबी शासन अवधि में कभी भी अपने कामकाज का हिसाब नहीं दिया, लेकिन मैं अपने कामकाज का पूरा हिसाब दूंगा। मुझसे हिसाब मांगने वालों को गरीबों और मछुआरों की फिक्र नहीं है। समय आने पर मैं जनता को पाई पाई का हिसाब दूंगा। मोदी ने यहां गुजरात और पालघर के मछुआरों के प्रगाड़ रिश्ते की चर्चा की। गौर हो कि पालघर का इलाका मछुआरों का है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य के मछुआरे एक दूसरे के सुख-दुख के साथी हैं। मैंने पीएम बनने के बाद सबसे पहले मछुआरों से बात की। जिस तरह की परेशानी गुजरात के मछुआरों को होती है, वैसी ही परेशानी महाराष्ट्र के मछुआरों की भी होती है। कई मछुआरे पाकिस्तान के जेलों में बंद हो जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि मछुवारों के हित में सोचना मेरा सबसे पहला काम था। मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से इसी मुद्दे पर बातचीत की। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के परिवार में पैदा नहीं हुआ। मैं सामान्य परिवार में पला बढ़ा हूं। कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने हमेशा पर्दे के पीछे से राज किया। कांग्रेस की सरकार को आदिवासियों की कभी फिक्र नहीं रही। 50 साल तक कांग्रेस ने एक अलग मंत्रालय तक नहीं बनाया। वहीं, वाजपेयी सरकार में पहली बार आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया और बजट का प्रावधान किया गया। उन्होंने आदिवासियों के हितों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस संबंध में बजट बनाया गया है जिसका लाभ सभी आदिवासियों को मिलेगा। बिरसा मुंडा के नेतृत्व में आदिवासियों ने आजादी की लड़ाई लड़ी पर कांग्रेस उन्हें भूल गई, कभी उनके हित में नहीं सोचा। मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 2022 में जब आजादी के 75 साल होंगे तब तक हमारी कोशिश है कि देश में कोई ऐसा परिवार ना हो जिसके पास घर ना हो। एनसीपी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा उन्होंने स्कैम महाराष्ट्र बनाया। हम स्किल महाराष्ट्र बनाने को प्राथमिकता देंगे। उन्‍होंने यह भी कहा देश की तरक्‍की के लिए कि नौजवानों का विकास जरूरी है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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