(TAMILNADU, India)
समर्थकों ने यहां सड़कों पर आतिशबाजियां कीं और खुशी से झूमने लगे। जमानत मिलने से जयललिता का दिवाली के त्योहार पर घर वापसी का रास्ता खुल गया। पार्टी के 43वें स्थापना दिवस पर पार्टी मुख्यालय में आयोजित समारोह की शुरूआत फीकी रही। अन्नाद्रमुक के नेताओं के चेहरे उतरे हुए थे और कुछ कार्यकर्ताओं ने काले वस्त्र धारण कर रखे थे। लेकिन जल्द ही वे ‘अम्मा’ की प्रशंसा में नारे लगाते हुए जश्न के माहौल में डूब गए और आसमान पटाखों की ध्वनि से गूंज उठा। उत्साही पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर सात अक्तूबर को तब थोड़ी सी खुशी आई थी जब कर्नाटक उच्च न्यायालय में उनकी जमानत से जुड़ी विवादास्पद खबरें मिली थीं। लेकिन आज पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए खुशी का दिन रहा। उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी नेता को सुनाए गए फैसले से सभी पुरूष महिलाएं झूमने लगे। इससे पहले अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं ने पार्टी के स्थापना दिवस का बुझे मन से स्वागत किया। स्थायी समिति के अध्यक्ष ई मधुसूदन ने पार्टी ध्वज फहराया और पार्टी के संस्थापक एम जी रामचंद्रन की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित की। उन्होंने बाद में इस अवसर पर एक स्मृति चिह्न भी जारी किया। जयललिता की जमानत स्वीकृति से पहले पार्टी कोषाध्यक्ष और मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेलवम तथा उनकी कैबिनेट के कुछ सहयोगियों को देखने से ही उनके चेहरे की उदासी का पता चल रहा था। पार्टी कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने काली कमीज पहन रखी थी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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