(DELHI, India)
सूत्रों ने कहा कि चूंकि बीजेपी के पास दिल्ली विधानसभा में बहुमत नहीं है, ऐसे में पार्टी यहां सरकार बनाने के न्यौते को स्वीकार नहीं करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है। सरकार गठन को लेकर उपराज्यपाल के बुलाने पर बीजेपी इनकार कर सकती है। बीजेपी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब केंद्र ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल को दिल्ली में सरकार गठन के लिए सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर बीजेपी को आमंत्रण देने के लिए हरी झंडी दे दी है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, बीजेपी नए सिरे से चुनाव के पक्ष में है और पार्टी चाहती है कि चुनाव अगले साल फरवरी में करवाए जाएं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में बीजेपी चुनाव के लिए तैयार है। जब कभी दिल्ली में चुनाव होंगे, बीजेपी बहुमत के साथ जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जोड़तोड़ से सरकार बनाने का सवाल ही नहीं है। बीजेपी को यहां चुनाव से कोई डर नहीं है, बल्कि चुनाव होने से दिल्ली का भला होगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को तोड़ने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि खरीद फरोख्त का कोई सवाल ही नहीं उठता है। नायडू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव से बीजेपी क्यों डरेगी? हमारे पास दिल्ली में पूरी बहुमत के साथ चुनाव जीतने का अच्छा अवसर है। वहीं, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि हम इस संबंध में सही समय पर सही सूचना देंगे। दिल्ली सरकार पर बीजेपी उचित समय पर निर्णय लेगी। वैंकेया जी एक वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने आपको पार्टी के स्टैंड से अवगत करवा दिया है। इससे पहले, आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर प्रहार करते हुए कहा कि वह दिल्ली में माइनोरिटी गवर्नमेंट बनाना चाहती है। वहीं, बीजेपी को नए सिरे से चुनाव करवाने की चुनौती दी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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