(DELHI, India)
डोनाल्ड रे मोर्गन (44 वर्ष) को हथियार रखने के आरोप में अगस्त के शुरू में जेएफके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं ने उसकी हाल की यात्राओं के बारे में पड़ताल की। एफबीआई के विशेष प्रभारी एजेंट जॉन स्ट्रांग ने कल एक बयान में कहा कि उसने (डोनाल्ड) सीरिया में हिंसक आतंकी समूह आईएसआईएल (आईएस) में शामिल होने के इरादे से विदेशों की यात्रा की। मोर्गन ने विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित समूह को साजो सामान मुहैया कराने की कोशिश का गुनाह कबूल कर लिया। अभियोजकों ने बताया कि मोर्गन ने कम से कम एक बार लेबनान से सीरिया जाने की कोशिश की, ताकि वह आईएस में शामिल हो सके। मोर्गन ने जिहादियों और आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया और एनबीसी न्यूज के साथ एक साक्षात्कार का सहारा लिया। एफबीआई द्वारा जुलाई के अंत में देखे गए एक ट्विटर संदेश में उसने कथित तौर पर लिखा था कि हमारे दुश्मनों को मारना और सिर कलम करना जायज है। मोर्गन को 18 फरवरी 2015 को सजा सुनाई जाएगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।