(India)
सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माइ वे’ में ऑस्ट्रेलियाई कोच को लेकर हुए खुलासे का पूरी तरह से समर्थन करते हुए जहीर ने कहा, भारतीय टीम का कोच बनाए जाने के बाद एक बार वह मेरे पास आए और बोले जहीर, मैं जब तक कोच रहूंगा तुम भारत के लिए नहीं खेलोगे। कोच के ऐसी बात बोलने पर जब जहीर से उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, मुझे इतना बड़ा झटका लगा कि कुछ देर तक मैं प्रतिक्रिया ही नहीं दे पाया। मैं पूरी तरह से हैरान था। जैस कि मैं क्या करूं। क्या मैं विद्रोह करूं। क्या मैं कप्तान से पूछूं कि क्या हुआ। वह मुझे इस बारे में क्यों बोल रहा है। जहीर ने कहा कि चैपल का दो साल का कार्यकाल (2005-2007) भारतीय क्रिकेट का सबसे बुरा दौर था।
Author: JAN TV Editorial Team
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