तटरक्षक बल के विमान से संबंधित क्षेत्र का हवाई निरीक्षण करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘सेतुसमुद्रम शिपिंग चैनल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन करते समय राम सेतु को तोड़ने का कोई सवाल नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सरकार चार अथवा पांच विकल्पों और उनके प्रभावों को लेकर अध्ययन कर रही है। राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद भी गडकरी ने भरोसा दिलाया था कि राम सेतु के ढांचे को नहीं तोड़ा जाएगा। तमिलनाडु सरकार इस परियोजना का विरोध करती रही है। उसका कहना है कि इससे मछुआरों की जीविका प्रभावित होगी। गडकरी ने संसद में कहा था कि सरकार किसी वैकल्पिक मार्ग का चुनाव करके इस परियोजना के कार्यान्वयन पर विचार करेगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।