(MAHARASHTRA, India)
महाराष्ट्र की देवेंद्र फड़नवीस सरकार के विश्वास मत को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस और शिवसेना ने विश्वास मत का विरोध करते हुए राज्यपाल चिरंजीवी विद्यासागर की गाड़ी का घेराव किया और "राज्यपाल वापस जाओ" के नारे लगाए, इस दौरान राज्यपाल को चोट भी आ गई। राज्यपाल की गाड़ी रोकने के आरोप में पांच कांग्रेसी विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। इन विधायकों को दो साल के लिए निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए विधायकों में राहुल बोंदे्र, जयकुमार गोले, अमर काले, वीरेंद्र जगताप और अब्दुल्ल सत्तार शामिल हैं। भारी हंगामे के बीच सुरक्षाकर्मियों के लिए विधायकों को हटाना मुश्किल हो रहा था। किसी तरह राज्यपाल को सदन के अंदर पहुंचाया गया। विपक्ष के नेताओं ने सदन के अंदर भी राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं ने सदन के भीतर भी राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाए। हालांकि हंगामे के बीच राज्यपाल ने अभिभाषण पूरा किया। वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने महाराष्ट्र विधान सभा में कहा कि कांग्रेस ध्वनिमत से बहुमत सिद्ध करने का विरोध करने के साथ ही मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के इस्तीफे की मांग करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विधानसभा अध्यक्ष हरीभाऊ बागडे से मतदान के जरिए बहुमत सिद्ध करने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने विपक्षी दलों के बात को स्वीकार नहीं करते हुए और बहुमत सिद्ध करने की परंपरा को तोड़ते हुए ध्वनिमत से सरकार के पक्ष में बहुमत सिद्ध कर दिया। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने कहा कि भाजपा सरकार बहुमत सिद्ध नहीं कर सकी है। ध्वनिमत से बहुमत सिद्ध करना कानून के खिलाफ है। ठाकरे ने कहा कि केन्द्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी अपना विश्वास प्रस्ताव रखा था उस समय सिर्फ एक मत से उनकी सरकार गिर गई थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा सरकार सभी नियमों और राज्यपाल चिरंजीवी विद्यासागर राव के आदेश का भी उल्लंघन किया है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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