(India)
तेंदुलकर ने क्रिकेट के कई रिकार्ड अपने नाम किया जबकि कांबली अपनी क्षमता के साथ न्याय नहीं कर सके और 17 टेस्ट ही खेल पाये । कांबली के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा ,‘ मैं प्रतिभा के बारे में बात नहीं करूंगा क्योंकि उसका निर्धारण करना मेरा काम नहीं है ।’ उन्होंने कहा ‘‘ लेकिन अगर हम फर्क की बात करें तो मैं कहूंगा कि उसकी जीवनशैली अलग थी । हम अलग अलग स्वभाव के व्यक्ति थे और अलग अलग हालात का सामना अलग तरीके से किया । मेरे मामले में परिवार की नजरें हमेशा मुझ पर थी जिससे मेरे पैर हमेशा जमीन पर रहे । मैं विनोद के बारे में नहीं कह सकता ।
Author: JAN TV Editorial Team
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