देवगौड़ा ने अपने बेटे कुमारस्वामी को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया
(Bangalore, Bangalore) उन्होंने माना कि इस धारणा को दूर करने की जरुरत है कि उनकी पार्टी पिता-पुत्र की पार्टी है। देवगौड़ा ने कुमारस्वामी की नियुक्ति का बचाव किया। देवेगौड़ा की इस बात को लेकर आलोचना होती रहती है कि जदएस पर एक ही परिवार का वर्चस्व है। वैसे पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर हाल के सप्ताह में गहरा दबाव था। देवगौडा ने कहा कि यह बडे दुख की बात है कि जदएस को कर्नाटक में पिता-पुत्र की पार्टी कहा जा रहा है। जदएस प्रमुख ने कहा, क्या अन्य राज्यों में पिता और उनके पुत्र एक ही दल में नहीं हैं। यदि ममता बनर्जी और मायावती के बच्चे होते तो उन्होंने क्या किया होता? वह अपने विरोधियों पर पलटवार कर रहे थे जो उन पर वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं। ए कृष्णप्पा के निधन के बाद पिछले सात माह से जदएस के प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली था। कृष्णाप्पा का 23 अप्रैल को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उन्होंने पिछले साल सितंबर में जदएस प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाला था। प्रदेश पार्टी पदाधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में कुमारस्वामी की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। बैठक में देवगौड़ा ने हिस्सा लिया। यह पहली बार नहीं है कि कुमारस्वामी प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। उन्हें 2008 में मिराजुद्दीन पटेल के निधन के बाद प्रदेश जदएस अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पिछले साल अगस्त में बेंगलुरु ग्रामीण और मांडया लोकसभा सीटों के उपुचनाव में जदएस की हार के बाद कुमारस्वामी ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

Digital Desk: Shiv Kishor

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