(GUJARAT, India)
कमीशन ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन को उनके घर पर ये रिपोर्ट सौंपी। मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपने से पहले नानावटी आयोग की 24 बार समयावधि बढ़ाई गई। इसकी अंतिम समयावधि 31 अक्टूबर पूरी हुई थी। गौरतलब है कि साल 2008 में जांच पैनल ने गोधरा बर्निग ट्रेन हादसे में जांच निष्कर्षो का एक हिस्सा जमा किया था। जिससे इस बात का खुलासा हुआ कि गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच को जलाया जाना एक साजिश के तहत पहले से ही प्लान था। इन दंगों के बाद 3 मार्च, 2002 में जांच अधिनियम आयोग के तहत गुजरात सरकार द्वारा जांच पैनल बनाया गया। जिसमेें जस्टिस केजी शाह के नेतृत्व में इस मामले की जांच शुरू की गई। वहीं साल 2008 में जस्टिस केजी शाह की मौत के बाद जांच रिटायर्ड हाई कोर्ट जस्टिस अकश्य महता को सौंप दी गई थी।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।