(India)
इसलिए उन्हें बीसीसीआई के प्रमुख के तौर पर बहाल किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दायर अपने हलफनामे में श्रीनिवासन ने यह दलील दी। श्रीनिवासन ने कहा कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से बीसीसीआई प्रमुख का पद छोड़ा था और अब सुप्रीम कोर्ट ने फिक्सिंग के सभी आरोपों से उन्हें बरी कर दिया है, ऐस में उन्हें बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर बहाल होने की अनुमति मिलनी चाहिए। ज्ञात हो कि श्रीनिवासन जून में बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से हट गए थे और उनकी जगह बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एवं बंगाल क्रिकेट संघ के प्रमुख जगमोहन डालमिया ने बोर्ड का पद भार संभाला था। इसके पहले, बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले की जांच कर रही न्यायमूर्ति मुद्गल समिति के निष्कर्षों को खारिज करते हुए कहा कि खिलाड़ी द्वारा उल्लंघन की प्रकृति 'मामूली' थी और खिलाड़ी को 'मौखिक रूप से फटकार' लगाई गई थी। इस मामले में एन.श्रीनिवासन की किसी प्रकार की भूमिका से बीसीसीआई ने इंकार किया है। शीर्ष क्रिकेट निकाय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि रिपोर्ट का विश्लेषण करने के लिए 18 नवंबर को बीसीसीआई कार्यसमिति की बैठक हुई थी और यह समझा गया कि घटना एक विदेश दौरे की है जिसमें रंजीत बिस्वाल टीम मैनेजर थे।
Author: JAN TV Editorial Team
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