(DELHI, India)
माना जा रहा है कि सत्र के सुचारू रूप से संचालन के लिए स्पीकर सुमित्रा महाजन सभी पार्टियों के नेताओं से बात करेंगी। 23 दिसंबर को सत्र का आखिरी दिन होगा। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू रविवार को सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। नायडू ने कहा कि सरकार अलग-अलग मुद्दों पर विपक्ष को संतुष्ट करने की पूरी कोशिश करेगी। कालाधन, अडानी को एसबीआई से लोन देने और स्वंयभू संत रामपाल जैसे मुद्दे पर विपक्ष सरकार को इस शीत सत्र में घेरने की कोशिश करेगी। गौरतलब है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद न मिलने से कांग्रेस बेहद नाराज है। सत्तारूढ़ दल का तर्क है कि कांग्रेस के पास सिर्फ 44 सांसद हैं जो सदन में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए जरूरी 10 फीसदी से कम है। इसलिए कांग्रेस के सांसद सदन में हर उस मुद्दे पर बखेड़ा खड़ा करने की कोशिश करेगी जहां सरकार का पक्ष कमजोर होगा। यह सत्र ऐसे समय में बुलाया जा रहा है जब 'जनता परिवार' की पार्टियां सदन में एक होने और संभवत: कई मुद्दों पर भाजपा के खिलाफ मोर्चा बनाने की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के पास राज्य सभा में बहुमत नहीं है और मनचाहे बिल पास करने के लिए उसे दूसरी पार्टियों के सहयोग की जरूरत भी पड़ेगी। मालूम हो कि विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के सचिवों की इस सप्ताह के शुरू में वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ हुई बैठक में यह निष्कर्ष निकला था कि शीतकालीन सत्र में 39 विधेयकों को या तो पेश करने के लिए या विचार एवं पारित करने के लिए सदन में रखा जा सकता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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