मैं चाहता तो केजरीवाल की तरह भाग सकता था: महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फड़णवीस
(MAHARASHTRA, India) उन्होंने कहाकि उनके पास महाराष्ट्र में सरकार बनाते समय दो विकल्प थे, या तो वह केजरीवाल बनते और भाग जाते या फिर अपने काम के प्रति दृढ़ निश्चयी बने रहते। उन्होंने कहा कि मुझे पता था कि मेरे काम मेरी बातों से ज्यादा बोलेंगे। विश्वास मत पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधानसभा में वोटिंग के बाद अगले तीन दिनों में उन्हें जितनी आलोचना सहनी पड़ी उतनी तो उन्हें अपने पूरे 22 सालों के राजनीतिक करियर में भी नहीं सहनी पड़ी थी। उन्होंने कहाकि ध्वनिमत पूरी तरह से वैध था। जब किसी ने मत बंटवारे के लिए नहीं कहा तो इसका मतलब है कि वे सभी सहमत थे। विश्वास मत होने दीजिए, हम अपना बहुमत साबित कर देंगे। उन्होंने कहाकि, महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए उन्हें एनसीपी से बिना शर्त समर्थन मिला था, जिसे उन्होंने अस्वीकार नहीं किया था। इसके अलावा शिवसेना के साथ भी बातचीत चल रही थी, जो उस समय परवान नहीं चढ़ सकी। हालांकि शिवसेना हमेशा से भाजपा की दोस्त रही है और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भी वे हमारे दोस्त रहेंगे। आरएसएस से जुड़े सवाल पर फडणवीस ने कहा कि आरएसएस का सरकार में कोई दखल नहीं होता। आरएसएस के साथ बैठक होने पर देश हित के मुद्दों पर चर्चा होती है। महाराष्ट्र के विकास पर उन्होंने कहा कि अगर हमें पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के सपने को साकार करना है, तो इसमें महाराष्ट्र को सबसे अग्रणी भूमिका निभानी पड़ेगी। साथ ही महाराष्ट्र डिजिटल इंडिया इनिशटिव में भी सबसे अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि हम आने वाले पांच सालों में महाराष्ट्र को सूखा मुक्त कर देंगे और लोगों को समुचित पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे।

Digital Desk: Shiv Kishor

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