(DELHI, India)
इससे पहले संसद पहुंचकर शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद का यह सत्र फलदाई होगा ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होंने कहा कि ठंडे माहौल में, ठंडे दिमाग से देशहित का उत्तम काम होगा। इस सत्र में बहुत से काम होने की उम्मीद है। मोदी ने कहा कि पिछले सत्र में विपक्ष की साकारात्मक भूमिका रही थी। संसद में बैठने वाले सभी का जिम्मा देश चलाने का है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज कैबिनेट विस्तार में शामिल नए मंत्रियों का सदन से परिचय कराया। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अपने दो वर्तमान सदस्यों हेमंत चंद्र सिंह और कपिल कृष्ण ठाकुर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद का शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलेगा। महीने भर चलने वाले संसद के इस सत्र में कुल 22 बैठकें होंगी, जिसमें चार दिन गैर सरकारी कामकाज के लिए निर्धारित किए गए हैं। राज्य सरकारों ने गुड्स एंड सर्विस बिल पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही कालाधन का मुद्दा भी संसद का शीत सत्र हंगामेदार बना सकता है। शीत सत्र में कांग्रेस ने लंबित पड़े महिला आरक्षण बिल, महंगाई, काला धन समेत बारह मुद्दे उठाने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि वह हर मुद्दे पर बहस को तैयार हैं। उन्होंने सांसदों को पूरी तैयारी के साथ संसद में पेश होने का निर्देश दिया है। संसद में 67 विधेयक लंबित हैं और इनमे से 9 विधेयकों को पिछले सत्र के दौरान पेश किया गया था। वहीं 40 बिल ऐसे हैं जिन्हें पिछली 15वीं लोकसभी के दौरान लाया गया था। इसके अलावा 18 लंबित विधेयकों को पहले की लोकसभा के दौरान संसद के पटल पर रखे गए थे, और वो आज भी धूल फांक रहे हैं। इनमें से 11 बिल स्वास्थ और परिवार कल्याण संबंधी हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहला सत्र है। इस दौरान विपक्ष के गर्म तेवर के बीच तमाम लंबित बिलों को पास करना मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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