धर्म परिवर्तन नहीं, लोगों का दिल जीतने निकले हैं: अशोक सिंघल
(DELHI, India) हिंदू विश्व शांति का पक्षधर है। लोगों का धर्म बदलना हमारा मकसद नहीं, घर वापसी का मतलब होता है पूर्वजों को जानना। हिदुत्व की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं। विश्व युद्द के खिलाड़ी हम नहीं है। इससे पहले 17 दिसंबर को वाराणसी में विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) के नेता अशोक सिंघल ने दावा किया था कि पुन:धर्मांतरण सतत प्रक्रिया है जो प्रेम-भाव फैलाकर और लोगों की मर्जी से जारी रहेगी। सिंघल ने केंद्र सरकार से कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून लाने की मांग की थी ताकि हिन्दूओं को अपने ही देश में अल्पसंख्यक बनने से रोका जा सके। उन्होंने मुसलमानों और ईसाईयों पर आरोप लगाया था कि वे हिन्दूओं को अपने धर्म की ओर आकर्षित कर रहे हैं और धर्मांतरण के लिए उन्हें विदेशों से बड़ी राशि मिल रही है। सिंघल ने हिन्दूओं की भांति मुसलमानों और ईसाईयों के लिए समान आचार संहिता लाने की वकालत भी की और कहा कि मुसलमान परिवार नियोजन अपनाने से इनकार कर रहे हैं जो देश और हिन्दू धर्म दोनों के लिए खतरा है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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