दिल्ली आईआईटी के निदेशक रघुनाथ के शेवगांवकर ने दिया इस्तीफा
(DELHI, India) संवाददाताओं ने जब रघुनाथ के शेवगांवकर से उनके इस्तीफे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, "हां! मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है." जब उनसे पूछा गया कि क्या उनपर दबाव था, तो वे उस सवाल को टाल गए.
क्या है मामला
एक अंग्रेजी अखबार ने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी थी कि आईआईटी के निदेशक पर सचिन के क्रिकेट एकेडमी के लिए जमीन देने और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को 70 लाख रुपये देने का दबाव था, लेकिन सचिन के रिपोर्ट खारिज करने के बाद अंग्रेजी अखबार खबर वापस ले ली है, अखबार ने माफी मांगते हुए कहा कि सूत्र से खबर छापी गई थी, सचिन से बात नहीं करना चूक थी, लेकिन अखबार ने ये साफ नहीं किया है कि स्वामी के सैलरी वाली खबर पर वो कायम है या नहीं, खबर के मुताबिक आईआईटी के निदेशक पर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की सैलरी का बकाया 70 लाख रुपये देने का दबाव था, हालांकि, स्मावी ने बातचीत में कहा कि उनका मामला कोर्ट से है और इससे निदेशक का कोई लेना देना नहीं है
क्या है सचिन का पक्ष?
इससे पहले, अखबार ने खबर दी थी कि आईआईटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शेवगांवकर पर मंत्रालय की ओर से कई दिनों से दो मांगो को लेकर दबाव डाला जा रहा था, इनमें पहली मांग है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की क्रिकेट अकेडमी के लिए आईआईटी ग्राउंड उपलब्ध कराना और दूसरी मांग है बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की सैलरी को लेकर, स्वामी ने आईआईटी में 1972 से 1991 तक पढ़ाया था, उसी के एवज में 70 लाख के पेमेंट की बात कही गई है, सचिन तेंदुलकर ने अखबार के दावे को खारिज करते हुए अपने फेसबुक पेज पर लिखा, 'मैं इस तरह की खबरें पढ़कर चकित हूं जिनमें कहा गया है मेरे नाम से क्रिकेट अकेडमी खोलने के लिए दिल्ली आईआईटी से जमीन मांगी गई है, मेरा ऐसी कोई भी अकेडमी खोलने का विचार नहीं है और न ही मैंने किसी जमीन की मांग की है, इस प्रकार से कोई भी खबर छापने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए'

Digital Desk: Shiv Kishor

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