(India)
मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा टेस्ट ड्रा होने के साथ भारत के सीरीज गंवाने के तुरंद बाद धोनी ने संन्यास की घोषणा कर दी, जबकि चाहते भारत वापस आकर भी अपने संन्यास की घोषणा कर सकते थे। वहीं, इस फैसले के पीछे कुछ और वजहें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, रवि शास्त्री और विराट कोहली के बीच दोस्ती, करीबी बढ़ने की वजह से धोनी इन दिनों काफी असहज थे। परेशानी इस कदर बढ़ गई थी कि धोनी खुलकर फैसले नहीं ले पा रहे थे। सूत्रों के अनुसार, ये जानकारी भी सामने आई है कि रवि शास्त्री की दखलंदाजी से धोनी काफी परेशान चल रहे थे। बताया तो यह भी जा रहा है कि धोनी ने शास्त्री की वजह से ही संन्यास का फैसला लिया। बता दें कि रवि शास्त्री इस समय टीम इंडिया के डायरेक्टर हैं और टेस्ट सीरीज जारी होने के चलते अभी टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया में हैं। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, रवि शास्त्री डायरेक्टर बनने के बाद से ही कोहली को खासा तवज्जो दे रहे थे। टीम के फैसलों में इन दिनों शास्त्री का दखल काफी बढ़ गया था और टीम मैनेजमेंट भी शास्त्री का प्रभाव बढ़ रहा था। इसी वजह से टीम के कोच डंकन फलेचर भी टीम के हित में खुलकर फैसले नहीं ले पा रहे थे। बीते दो टेस्ट मैच के दौरान धोनी ने महसूस कर लिया था कि माहौल उनके खिलाफ बनता जा रहा है। उन्हें टीम के फैसलों में तवज्जो नहीं मिल रही थी। खुद को अनदेखा किए जाने और शास्त्री-कोहली की करीबी के कारण धोनी ने मजबूर होकर विदेशी सरजमीं पर संन्यास का फैसला ले लिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, टीम के साथी खिलाड़ियों का कहना है कि पिछले कुछ सप्ताह से धोनी अपने रिटायरमेंट को लेकर लगातार संकेत दे रहे थे। धोनी के अचानक संन्यास की वजह पिछले कुछ समय से ड्रेसिंग रूम के बदलते माहौल को भी माना जा रहा है। एडिलेड टेस्ट से ही कोहली और शास्त्री के बीच बढ़ती नजदीकियों के बाद धोनी के रिटायरमेंट के संकेत मिलने लगे थे। वहीं, ब्रिसबेन टेस्ट के दौरान भी कोहली और शिखर धवन की बल्लेबाजी क्रम को लेकर ड्रेसिंग रूम में असहज माहौल को लेकर घटनाएं सामने आई थी, जिसके बाद यह आशंका जताई जाने लगी कि टीम इंडिया में सबकुछ ठीक नहीं है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।