क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार (कैब) चाहता है कि बीसीसीआई न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा की अगुवाई वाले पैनल की सिफारिशों को लागू करे ताकि राज्य में 15 साल बाद क्रिकेट गतिविधियां शुरू हो सकें। बिहार ने 2000 में झारखंड के बनने के बाद अपनी पूर्ण सदस्यता और मतदान का अधिकार गंवा दिया था। कैब सचिव आदित्य वर्मा ने कहा, यह बेहद जरूरी है कि बीसीसीआई तुरंत ही लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करे और क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार को मान्यता दे ताकि राज्य के क्रिकेटरों को आगे नुकसान नहीं हो। उन्होंने कहा, इन सिफारिशों का स्वागत है और ये युवा क्रिकेटरों के लिये यह उत्साहजनक है। पिछले 15 वर्षों में बिहार को लेकर बीसीसीआई की नीति का एकमात्र नुकसान क्रिकेट के खेल को हुआ। बिहार देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में से एक है और बीसीसीआई की भेदभाव पूर्ण नीतियों के कारण खिलाड़ियों की एक पूरी पीढ़ी को नुकसान उठाना पड़ा।
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Author: JAN TV Editorial Team
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