जयपुर का सेंट्रल पार्क संगीत की स्वरलहरियों से गूंज उठा। मौका था सरोद वादन के जाने माने उस्ताद अमजद अली खां के कार्यक्रम का। उस्ताद की अंगुलियों ने जब सरोद के तारों को छेड़ा तो जयपुर के संगीतप्रेमियों के कानों में शास्त्रीय संगीत के सुर घुल गए। संगीत की सुरीली धुने कानों से होते हुए सीधे दिल में उतर गई। श्रोता आंखे मूंदे संगीत में डूबे रहे। अमजद अली ने गीत की शुरूआत राग गणेश कल्याण से की। इसके बाद विभिन्न अलाप,तान और जोड़ों का मिश्रण प्रस्तुत किया। उन्होंने बसंत राग के जरिए ज्ञान और संगीत की देवी सरस्वती की स्तुति की,,,
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