केंद्र सरकार के बजट से दिल्ली वालों को अधिक उम्मीद थी। इस बजट से करीब 1000 करोड़ दिल्ली के लिए जारी किए जाने का प्रस्ताव था लेकिन केंद्र ने केवल 325 करोड़ रुपये ही केंद्रीय करों की मद से जारी किए। दिल्ली के वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव की जानकारी उन्हें केंद्र सरकार को सूत्रों मिली है। केंद्र सरकार में फंसे कामों की वजह से दिल्ली के काम भी लटक रहे हैं। दिल्ली में होने वाले कामकाज से केंद्रीय करों में 1,30,000 रुपये की हिस्सेदारी जाती है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हिस्सेदारी के बाद भी दिल्ली के केवल 325 करोड़ रुपये ही जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद दिल्ली ने अपना कार्य बेहतर तरीके से किया है और दिल्ली की जनता को राहत दिए लाने के बाद भी बचत की है। यह मॉडल आगे भी दिल्ली के लिए विकास कार्यो के लिए पैसा उपलब्ध कराएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार अपने टैक्स सिस्टम को बेहतर बना रही है और इसमें कारोबारियों का सहयोग लिया जाएगा। केंद्र सरकार की इस कटौती का असर दिल्ली के स्थानीय निकायों से संबंधित कामों पर नहीं होगा। हम इन सेवाओं को और बेहतर बनाएंगे। इसके लिए अधिक धनराशि का प्रावधान इस बार के बजट में किया गया है।
Digital Desk: Kamal
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