केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए विश्वविद्यालय छात्र संघों के नेताओं ने एकीकृत संघर्ष पर जोर दिया और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने इसे संघिस्तान बनाम हिंदुस्तान की लड़ाई करार दिया। मतभेदों को जीवित रखकर और सेमिनारों के बाहर निकल कर एक एकीकृत मोर्चा बनाने के एआईएसएफ सदस्य कन्हैया के आह्वान को काफी समर्थन मिलता नजर आया। आइसा की सदस्य और जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष शहला राशिद शोरा, डीएसयू के पूर्व नेता उमर खालिद, इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष रिचा सिंह ने यहां एक कार्यक्रम में कन्हैया के आह्वान का समर्थन किया। गौरतलब है कि भाकपा की छात्र शाखा ऑल इंडिया स्टूडेंटस फेडरेशन, भाकपा-माले की छात्र शाखा ऑल इंडिया स्टूडेंटस असोसिएशन, डेमोक्रेटिक स्टूडेंटस यूनियन अलग-अलग विचारधारा वाले वामपंथी छात्र संगठन हैं। रिचा निर्दलीय छात्र नेता हैं।
Digital Desk: Kamal
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