हिमाचल में राजनैतिक संकट में घिरी सरकार एक बार फिर अपने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ खड़े रेहने का दावा कर रही है। आय से अधिक संपत्ति मामले में बीते दिन प्रवर्तन निदेशालय ने उस आनंद चौहान की गिरफ्तारी की जो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के एलआईसी निवेश को लेकर सीबीआई और इडी की एफआईआर में नामजद है। उसकी गिरफ्तारी के बाद वीरभद्र सिंह के निजी आवास होली लोज और सचिवालय में जो राजनैतिक भूचाल दो दिनों के भीतर देखा गया वो केबिनेट की बैठक में सिंगल लाइन प्रस्ताव के समर्थन के साथ शांत होता दिखाई दे रहा है।
सचिवालय में बुलाई गयी बैठक में भले ही उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री जो की विदेश दौरे पर हैं और स्वास्थ्य मंत्री कॉल सिंह जिन्हें अपने पहले से तय कार्यक्रम के चलते राज्य से बाहर जाना पड़ा उनकी गैर मौजूदगी में पूरी केबिनेट ने मुख्यमंत्री के साथ होने की बात कही है। कांग्रेस नेताओं ने सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप जड़े हैं की भाजपा लगातार सरकार को अस्थिर करने की नाकाम कोशिश कर रही है। कोंग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही न्यायालय पर भरोसे की बात कर चुके हैं लिहाजा न मुख्यमंत्री का इस्तीफा होगा और न ही सरकार अस्थिर होगी। इसे लेकर कैबिनेट ने एक मत प्रस्ताव पारित कर कहा है कि वो वीरभद्र सिंह के साथ हैं और अगले चुनाव में भी उनके नेतृतव को लेकर कोई एतराज पार्टी में नही है।
BYTE: जी एस बाली (परिवहन मंत्री)
Digital Desk: Manish Patwa
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