पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में छपे एक संपादकीय में कहा, ‘साथ ही, यदि मुख्यमंत्री वास्तव में राज्य की सड़कों एवं पुलों की स्थिति समझना चाहते हैं और उचित लेखा परीक्षा कराना चाहते हैं तो उन्हें एवं अन्य मंत्रियों को राज्य का दौरा करते समय विमानों एवं हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल बंद करने की आवश्यकता है.’
सामना के अनुसार, ‘जिले के पालक मंत्रियों को उनके जिलों में विमान से जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्हें टूटी फूटी सड़कों एवं पुलों से यात्रा करने और उसके बाद लेखा परीक्षा करने दीजिए. क्योंकि, जब मंत्रियों को जीवन का खतरा होगा तो लेखा परीक्षा एवं मरम्मत दोनों काम हो जाएंगे.’
Digital Desk: Manish Patwa
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