मानसून सेशन के दौरान संसद में अपनी चुप्पी को लेकर स्वामी वैसे भी काफी चर्चा में रहे हैं, लेकिन निजी रूप से उन्होंने इस खत के माध्ययम से जीएसटी पर अपना विरोध जता दिया है. पार्टी व्हिप में बंधे स्वामी ने राज्यसभा में यूं तो बिल के पक्ष में ही वोट दिया था. लेकिन पीएम को खत लिखकर उन्होंने ये साफ कर दिया कि इस बिल पर गृहमंत्री ने उनसे कोई सलाह नहीं ली, ना ही एक प्राइवेट कंपनी को ये संवेदनशील काम सौंपने से पहले उनसे पूछा गया. उनका कहना था कि इतना संवेदनशील डेटा किसी प्राइवेट कंपनी को सौंपना सही नहीं है. हालांकि टीएमसी सांसद सुगतो रॉय के इसी बात पर ऐतराज जताने को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर पिछली सरकार के पक्ष का समर्थन किया था.
Digital Desk: Manish Patwa
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।