जासूसी रैकेट में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों के शामिल होने के खुलासे के बाद अब शिवसेना ने उच्चायोग को दिल्ली से हटाने की मांग की है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में पाक उच्चायोग को जासूसी का अड्डा बताया है. सामना के संपादकीय में लिखा गया, पाकिस्तान की टेढ़ी पूंछ सीधी होने का नाम नहीं ले रही है. शिवसेना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के चलते पाकिस्तानी अधिकारियों को हिंदुस्तान को मुक्त करना पड़ा, लेकिन जो हिंदुस्तानी साजिश में शामिल थे, उन आस्तीन के सांपों को अब कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए. दिल्ली का पाकिस्तानी उच्चायुक्त कार्यालय इस साजिश का केंद्र था. पिछले कुछ महीनों या सालों में इन जासूसों ने हिंदुस्तान की कितनी खुफिया जानकारियां प्राप्त की और पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था को दी है, यह पाकिस्तान ही जाने.
Digital Desk: Kamal
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