नोटबंदी ने देश के विपक्ष को एक मंच पर ला दिया है और एकजुटता के एक दुर्लभ मुजाहिरे के तौर पर 10 बड़े विपक्षी दलों ने आपस में हाथ मिलाते हुए इस मुद्दे पर संसद और उसके बाहर सरकार को घेरने का निश्चय किया है. वहीं, दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने के बाद हुए प्रभाव की एक और समीक्षा के लिए सोमवार को वित्तमंत्री से मुलाकात की. सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ साझा मंच पर खड़े तृणमूल कांग्रेस, जनता दल यूनाईटेड बसपा, माकपा, भाकपा, राकांपा, झामुमो और द्रमुक ने सरकार पर प्रहार करने के उद्देश्य से साझी कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक बैठक की.
Digital Desk: Kamal
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