रामगोपाल के ‘अधिवेशन’ ने अखिलेश को बनाया सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष
(India) मुलायम सिंह यादव ने बागी गुट द्वारा बुलाए गए आज के विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन को असंवैधानिक और अवैध करार दिया है। उस अधिवेशन में लिए गए फैसलों को भी गैर कानूनी करार दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने 5 जनवरी को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है। मुलायम सिंह ने पत्र लिखकर कहा है कि कुछ लोग उन्हें बेइज्जत कर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को फिर से 6 साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया है। इससे पहले शुक्रवार (30 दिसंबर) को भी मुलायम सिंह ने रामगोपाल और अखिलेश को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया था लेकिन कल (31 दिसंबर को) दोनों का निष्कासन रद्द कर दिया था। बागी गुट के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले मुलायम सिंह ने पत्र लिखकर कार्यकर्ताओं से अधिवेशन में शामिल नहीं होने की अपील की थी। उन्होंने पत्र में में लिखा था, “यह आयोजन पूरी तरह पार्टी संविधान के विरुद्ध है तथा पार्टी अनुशासन के विपरीत और पार्टी को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। अतरू आप तथाकथित ऐसे किसी सम्मेलन में भाग न लें।” उधर, समाजवादी पार्टी के विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में सर्वसम्मति से अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। राज्य सभा सांसद अमर सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया गया है। इससे पहले पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने अधिवेशन में प्रस्ताव पेश किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को पार्टी का मार्गदर्शक बनाया गया है।

Digital Desk: Kamal

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