अब्दुल्ला और खान ने रिटर्निंग ऑफिसर फारूक अहमद लोन के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित क्रूरता के खिलाफ तारिक हामिद के सितंबर में इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था।
उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पीडीपी के टिकट पर अब्दुल्ला को पराजित किया था। नेशनल कांफ्रेंस और कारार की नयी पार्टी के बीच सीटों को साझा करने को लेकर हुई सहमति के बाद वह (कारार्) यह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
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