सात अप्रैल को की गई छापेमारी के बाद विजयभास्कर के पिता चिन्नातंबी और एक अन्य संबंधी तिरूचिरापल्ली में शनिवार को विभाग के कायार्लय में पेश हुए थे। आयकर विभाग के 100 अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने विजयभास्कर के आधिकारिक आवास समेत राज्यभर में स्थित उनकी 30 संपत्तियों पर छापेमारी की थी इसके अलावा चेन्नई स्थित शरत कुमार के घर पर भी छापा मारा गया था।
मंत्री के एक सहयोगी के परिसरों में छापेमारी में खुलासा हुआ था कि 89 करोड़ रूपये आरके नगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के बीच बांटने के लिए लाए गए थे। इस निवार्चन क्षेत्र में 12 अप्रैल को चुनाव होने हैं। विजयभास्कर अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े के उम्मीदवार टीटीवी दिनाकरन के वफादार हैं।
उन्होंने आयकर के छापे के बारे में कहा उनके इरादे पूरे नहीं हुए। उन्हें आय से अधिक धन या दस्तावेज नहीं मिले। टैक्स चोरी के एक मामले की जांच के संबंध में आयकर विभाग ने मंत्री सी विजयभास्कर अभिनेता-राजनेता आर शरत कुमार और एक जानेमाने शिक्षाविद को सम्मन भेज कर विभाग के समक्ष आज पेश होने को कहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी और दोनों चुनाव आयुक्तों के दस्तखत वाले 11 पेज के आदेश में आयोग ने साफ कहा है कि आचार संहिता चुनाव खर्च अघोषित संपत्ति के सबूत बेहिसाब धन का चुनाव में अवैध इस्तेमाल राजनीतिक दलों के नेताओं के ठिकानों से बड़ी तादाद में नकदी की बरामदगी जैसे हालात देखते हुए अभी नहीं लगता कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सकेंगे। लिहाजा चुनाव आयोग और आरके नगर सीट के निर्वाचन अधिकारी के आदेश रद्द माने जाएं।
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