हालांकि स्वामी ने मुख्यमंत्री योगी से हुई मुलाकात का ब्यौरा देने से इनकार कर दिया। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले को संवेदनशील बताते हुए सम्बन्धित दोनों पक्षों से आपसी सहमति से हल निकालने का सुझाव देते हुए पेशकश की थी कि अगर दोनों पक्ष चाहें तो अदालत इसमें मध्यस्थता के लिये तैयार हैं।
हालांकि मामले के एक प्रमुख पक्षकार ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने पिछली 15 अप्रैल को अपनी कार्यकारिणी की बैठक में इस पेशकश को नामंजूर करते हुए कहा था कि बातचीत के बजाय सिर्फ अदालत से ही इस मसले का हल निकलेगा।
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