पूर्व कप्तान गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के टीम के नये मुख्य कोच के लिये विज्ञापन प्रक्रिया का भी समर्थन किया। कुंबले की जबर्दस्त कामयाबी के बावजूद उनके अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाये की खबरें हैं और दबे स्वर में कप्तान विराट और कुंबले के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। खबरों के मुताबिक कुंबले से भारतीय खिलाड़ी डरते हैं। खिलाड़यिों का कहना है कुंबले का बतार्व हेडमास्टर जैसा है।
सुनील गावस्कर ने कहा है कि कप्तान और कोच के बीच मतभेद पीढ़ियों में अंतर के कारण होता है। लंदन में आयोजित समाचार क्रिकेट सम्मेलन में मौजूद गावस्कर ने कहा, 'बीसीसीआई ने कोच के लिये जो आवेदन प्रक्रिया निकाली है वो सही है। आप किसी भी देश में ऐसी स्थिति नहीं पायेंगे कि कोच और कप्तान की सोच एक जैसी हो। यह असंभव है क्योंकि कोच और कप्तान में पीढ़ी का अंतर होता है जो सोच के अंतर के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा 'कप्तान और कोच दो अलग अलग समय का प्रतिनिधित्व करते हैं और यह स्वाभाविक है कि कप्तान में आक्रामकता और जोश ज्यादा होगा और कोच में अनुभव। मुझे लगता है कि टीम इंडिया का अगला कोच ऐसा होना चाहिये जो क्रिकेट के हित में कम से कम आठ से 10 वर्ष आगे की सोच रखने वाला हो।
Author: JAN TV Editorial Team
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