राष्ट्रीय जनता दल का स्थापना दिवस आज
(India)
बीस साल पहले आज (पांच जुलाई) ही के दिन 1997 में देश की राजनीति में एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन हुआ था। इसके संस्थापक थे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव। पार्टी का नाम था राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी)। आरजेडी जनता दल से अलग होकर बनी थी। लालू प्रसाद के अलावा रघुवंश प्रसाद सिंह, कांति सिंह और करीब दो दर्जन सांसदों के सहयोग से गठित आरजेडी आने वाले दशकों में बिहार की राजनीति की धुरी बन गई। पार्टी ने “माई समीकरण” (मुस्लिम-यादव) के सहारे करीब एक दशक तक राज्य में राज किया। लेकिन आज जब दो दशक पूरे करने पर पार्टी के लिए जश्न का वक्त है तो तमाम आरोपों-प्रत्यारोपों, छापों और जांच से घिरी हुई है। पार्टी की स्थापना दिवस पर राजद ने 27 अगस्त को आयोजित “बीजेपी भगाओ” रैली के बारे में घोषणा करेगी। लेकिन मीडिया में खबरें आ रही हैं कि राजद के नेताओं और कार्यकर्ताओं में 20वें स्थापना दिवस को लेकर कोई खास उत्साह नहीं है, जबकि राजद बिहार की महागठबंधन सरकार का हिस्सा है। द टेलीग्राफ से एक राजद नेता ने कहा कि उनसे पास जश्म मनाने की कोई खास वजह नहीं है। राजद नेता और बिहार सरकार में एक मंत्री नेता ने टेलीग्राफ से कहा कि पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। आरजेडी के स्थापना दिवस से ठीक पहले बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने राज्य के उप-मुख्यमंत्री और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव पर एक और आरोप लगाया। सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव को मुजफ्फरपुर में 13 एकड़ जमीन एक पूर्व आरजेडी मंत्री की पत्नी ने तोहफे के तौर पर दी है। मोदी के अनुसार तेज प्रताप को ये तोहफा 1992 में मिला था जब उनकी उम्र करीब चार साल थी।

Digital Desk: Kamal

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