27 अगस्त को पूरे बिहार की जनता और देशभर के विपक्षी नेता गांधी मैदान में जुटेंगे। उनके बीच हम पूरी बात रखेंगे। रांची से लौटने के बाद शुक्रवार की शाम अपने आवास पर प्रेस से बात करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि हमने इनको बिहार से भगाया है। अब देश से भगाने का ऐलान कर चुके हैं। यही कारण है कि झूठे आरोपों से हमें घेरने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन कोर्ट और जनता पर हमें पूरा भरोसा है। हम पर केस किया तो किया बच्चों और बीवी तक को फंसा दिया है। जब का मामला है तब तेजस्वी नाबालिग थे। राबड़ी देवी भी किसी पद पर नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि जिस मामले में हमको घसीटा जा रहा है, वह फैसला अटलजी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में हुआ था। 2003 में होटलों को आईआरसीटीसी को देने का फैसला अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने किया। 2006 में आईआरसीटीसी ने ओपेन टेंडर से रांची, पूरी, हावड़ा और दिल्ली के होटलों को लिया। जिसने बड़ी बोली लगाई उसे टेंडर मिला। अगर कोई गड़बड़ी होती तो उसी समय दूसरे भागीदार केस कर देते। इन होटलों से एक करोड़ 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है। लेकिन इतने दिनों के बाद बेवजह उसमें हमको डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे पूरे परिवार ने सीबीआई को पूरा सहयोग किया। आगे भी हम हमेशा उपलब्ध हैं। हमें कोई डर नहीं है। कोई गलती नहीं की है। राबड़ी देवी और तेजस्वी से पूछताछ की बात सनसनी फैलाने के लिए कही गई। यहां किसी से कोई पूछताछ नहीं हुई है।
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