अब कोच होगा वो जो कप्तान कोहली चाहे, रवि शास्त्री और टॉम मूडी रेस में बरक़रार
(DELHI, DELHI) पिछले साल जब टीम इंडिया के हेड कोच के लिए अनिल कुंबले को चुना गया था तब क्रिकेट अडवाइजरी कमिटी (सीएसी) के सदस्यों ने कप्तान की राय नहीं ली थी। इस साल स्थिति अलग है और सीएसी सदस्य कप्तान की राय लेना चाहते हैं। वहीं, 2016 में दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले को टीम की पसंद रवि शास्त्री के जगह पर तरजीह दी गई थी। इस बार सोमवार को कोच पद के लिए हुए इंटरव्यू के बाद सीएसी नमे कहा, हम अपनी राय बीसीसीआई को कप्तान विराट कोहली से चर्चा के बाद सौंप देंगे।

सोमवार को 5 घंटे तक चले बीसीसीआई मुख्यालय में कोच पद के लिए 6 उम्मीदवारों का इंटरव्यू चला। इंटरव्यू के बाद सीएसी ने कहा, 'हमें कोच के नाम की घोषणा करने की कोई जल्दबाजी नहीं है।' सीएसी सदस्य सौरभ गांगुली ने कहा, 'हमने फैसला किया है कि कोच के नाम की घोषणा में अभी कुछ और वक्त लेंगे। हम खिलाड़ियों से खास तौर पर कप्तान विराट कोहली से बात करना चाहते हैं। उन्होंने अभी तक अपने इनपुट्स हमें नहीं दिए हैं। विराट को समझना होगा कि कोच का काम कैसे होता है।

गांगुली ने यह भी कहा कि कोच चयन को लेकर अभी तक कोहली की तरफ से कोई सुझाव नहीं मिले हैं। गांगुली का यह बयान इंग्लैंड में कोच को लेकर चले विवाद पर कोहली के साथ सीएसी सदस्यों की मीटिंग के एक महीने बाद आया है।

यह पूरी तरह से पक्की खबर है कि कोच का चयन किया जा चुका है। तीन दिग्गज गांगुली, लक्ष्मण और सचिन तेंडुलकर सीएसी सदस्य हैं। इन तीनों ने 32000 से ज्यादा रन टेस्ट क्रिकेट में बनाए हैं, लेकिन कोच चयन पर अंतिम फैसला लेने से इनकार के मूड में हैं। कोच चुनना पूरी तरह से सीएसी सदस्यों की ही जिम्मेदारी है। सीएसी सदस्यों ने कुंबले कोहली के विवाद के बाद कोच चयन के अधिकार को इस रूप में ले रहे हैं कि पिछले साल यह पूरी तरह से उनका ही अधिकार था, लेकिन अब नहीं।

जहां तक कोच के लिए आवेदनकर्ताओं की बात है तो यह स्पष्ट है कि बीसीसीआई के ही एक अधिकारी ने पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को इसके लिए मनाया था। हमारे विश्वसनीय सूत्र का कहना है कि बोर्ड अधिकारी के सुझाव के बाद सहवाग ने कोहली से बात भी की थी और कप्तान ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि सहवाग अब इस रेस में नहीं हैं।

कोच की रेस में इस वक्त स्पष्ट तौर पर 2 ही नाम आगे चल रहे हैं टॉम मूडी और रवि शास्त्री। शास्त्री को टीम के खिलाड़ियों का समर्थन है। अब यह पूरी तरह से सीएसी पर निर्भर करता है कि वह किसे चुनें, लेकिन सीएसी सदस्य कोहली की राय को अंतिम बनाकर पेश करना चाहते हैं।' सूत्र का यह भी कहना है कि कहीं न कहीं यह विराट कोहली के साथ नाइंसाफी भी होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में पहले दावा किया गया था कि बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी वेस्ट इंडीज में विराट कोहली से मिलने गए थे। जबकि जौहरी ने वहां से लौटकर बताया कि वह वेस्ट इंडीज बोर्ड के अधिकारियों से मिलने गए थे। हालांकि, उन्होंने इससे संबंधित कोई और डिटेल शेयर नहीं की।

Author: JAN TV Editorial Team

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