जानकार कहते हैं कि मायावती के इस्तीफे के पीछे हाथ से रेत की तरह फिसल रहे अपने वोट बैंक को सहजने की बेचैनी दिख रही है। मायावती यूपी की सत्ता में दलित और पिछड़े वोट बैंक के सहारे राज करती रही हैं। वह अपनी सभाओं में इन्हीं दलितों, पिछड़ों, वंचितों और शोसितों को हक दिलाने की वकालत भी करती रही हैं। वर्ष 2007 में 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली बसपा वर्ष 2012 के चुनाव में 80 सीटों पर पहुंच गई।
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