इंटरनैशनल कन्सॉर्टियम ऑफ इन्वैस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आई.सी.आई.जे.) नाम के एन.जी.ओ. ने पनामा पेपर्स के नाम से यह बड़ा ख़ुलासा किया था। पनामा (उत्तरी व दक्षिणी अमरीका को भूमार्ग से जोडऩे वाला देश) की एक कानूनी फर्म ‘मोसेक फोंसेका’ के सर्वर को 2013 में हैक करने के बाद यह खुलासा किया गया था। पत्रकारों के इस समूह ने करीब 1 करोड़ 10 लाख दस्तावेजों का खुलासा किया था। इसमें 100 मीडिया ग्रुप्स के पत्रकारों को दिखाए गए दस्तावेज शामिल हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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