बिहार के सीएम नीतीश कुमार अपने मंत्रिमंडल का गठन कर चुके हैं। बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी राज्य के डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि राज्य में साझा सरकार बनाने के बाद अब बारी केंद्र की है। जदयू के नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। सूत्रों के हवाले से अखबार ने दावा किया है कि एआईएडीएमके को लेकर स्थिति साफ होने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। खबर के अनुसार बीजेपी आने वाले दिनों में तीन अहम काम करने जा रही है- केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल, राज्यपालों की नियक्ति और पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति। अभी पार्टी के ज्यादातर पदाधिकारी राजनाथ सिंह के अध्यक्ष रहने के दौरान नियुक्त हुए थे। अमित शाह ने अध्यक्ष बनने के बाद कुछ ही नियक्तियां की थीं। कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दोनों चाहते हैं कि दक्षिण भारत की सबसे बड़ी पार्टी उनके साथ आए। एआईएडीएमके पहले भी 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार का हिस्सा रह चुकी है। एआईएडीएमके के इसलिए भी बीजेपी से हाथ मिलाने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि उसकी धुर प्रतिद्ंवद्वी डीएमके कांग्रेस के साथ है। राष्ट्रपति चुनाव में भी डीएमके ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दिया था।
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