मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ. सांसदों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. दोपहर तीन बजे तक 97 प्रतिशत मतदान हो चुका था. इस दौरान कुल 785 निर्वाचकों में से 761 वोट डाले जा चुके थे. सुबह सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सत्तारूढ़ एनडीए खेमे की तरफ से प्रत्याशी एम वेंकैया नायडू ने मतदान किया. पीएम मोदी तो सुबह 10 बजे से पहले ही वोटिंग लाइन में दिखाई दिए. राजनाथ सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा कि शाम तक तस्वीर साफ हो जाएगी. गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस दौरान कहा कि हमको वेंकैया नायडू की एक जगह पर कमी खलेगी लेकिन दूसरे स्थान पर उनको सक्रिय रूप से देखने का मौका मिलेगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी मतदान किया
दोपहर तीन बजे तक 97 प्रतिशत मतदान हो चुका है. उपराष्ट्रपति चुनावों के असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर मुकुल पांडे के मुताबिक दोपहर तीन बजे तक कुल 785 निर्वाचकों में से 761 वोट पड़ गए जोकि कुल वोटों का 96.94 प्रतिशत हिस्सा है. पांडे के मुताबिक सुबह 10 बजे जब मतदान शुरू हुआ तो शुरू के पहले घंटे में सर्वाधिक सांसदों को वोट डालने के लिए लाइनों में खड़े देखा गया.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी वोट डाला. उनके साथ गोपाल कृष्ण गांधी भी आए. गोपाल कृष्ण गांधी वोट नहीं दे सकते क्योंकि वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं है. गोपाल कृष्ण गांधी को कांग्रेस, जदयू, आम आदमी पार्टी समेत 19 दलों का समर्थन प्राप्त है. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दीपेंदर सिंह हुड्डा ने भी मतदान किया. इसके अलावा राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर और बीजेपी की लोकसभा सदस्य हेमा मालिनी ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया
इससे पहले बीजेपी के उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी एम वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले कहा कि मैं अब किसी दल का सदस्य नहीं हूं...अनेक दल मेरा समर्थन कर रहे हैं...मैं किसी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. मैं उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहा हूं. यह चुनाव संवैधानिक पद के लिए लिए है. ऐसे में इसमें किसी प्रकार की राजनीति करने से गुरेज करना चाहिए...मैं सभी सदस्यों को जानता हूं और वे मुझे जानते हैं. इसलिए मैंने प्रचार अभियान नहीं किया. मैंने सभी को समर्थन के लिए खत लिखा है और मुझे उसका अच्छा रिस्पांस मिला है. मुझे भरोसा है कि सभी लोग मेरा समर्थन करेंगे.उधर गोपाल कृष्ण गांधी ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव एकतरफा नहीं हैं. यह संविधान के सिद्धांतों पर आधारित लड़ाई है. मैं इसमें पूरी विनम्रता के साथ मैदान में हूं और दूसरी तरफ से भी ऐसा ही किया गया है.
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