राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कहा है कि विपक्ष की बैठक में जेडीयू को बुलाकर हमारी पार्टी में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज विपक्ष की बैठक बुलाई है। इस बैठक में 18 विपक्षी दल सोनिया गांधी के नेतृत्व में बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरने के लिए आम रणनीति तैयार करेंगे। कहा जा रहा है कि शरद के करीबी राज्यसभा सांसद अली अनवर इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इस पर बिहार जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि अली अनवर के स्टैंड के बारे में पता है, वो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, पार्टी के निर्णय के खिलाफ जाने वालों लोगों पर कार्रवाई होगी।
उधर बिहार में अपने तीन दिवसीय जनसंवाद कार्यक्रम में शरद यादव अकेले दिखाई दे रहे हैं। इस मामले पर उनके बेहद करीबी रहे केसी त्यागी ने भी उनसे दूरी बना ली है। केसी त्यागी ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि शरद यादव ने जो रास्ता अख्तियार किया है वह आरजेडी की तरफ जाता है।
त्यागी ने कहा कि शरद यादव लंबे समय तक पार्टी के अछ्यक्ष रह चुके हैं और पिछले 40 वर्षों से पार्टी की संचरनात्मक पदों पर रह चुके हैं। वे जानते हैं कि सबसे अच्छा प्लेफॉर्म पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी होती है। वहां उन्हें अपनी रखनी चाहिए। समहत न होने पर सब तरह की यात्राएं निकालने के लिए स्वतंत्र हैं।
शरद के बयानों पर केसी त्यागी ने कहा कि असहमति करने का अधिकार उनका है और पार्टी के अंदर कितना लोकतंत्र है ये लोहिया जी, कर्पूरी ठाकुर जी और जेपी जी से भी सीखा है। इतने भर तक के लिए मैं शरद यादव को मुजरिम नहीं मानता और ये उनकी असहमति है। लेकिन वे लक्ष्मण रेखा पार करेंगे ऐसा भी नहीं मानता। केसी त्यागी ने बताया कि 19 तारीख को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठ रखी गई है। उसमें आकर वे अपनी बात रखें।
कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जो तीर उन्होंने चलाया है वो अंधेरे में चलाया है और अंधेरे के तीर बगैर लालटेन के नहीं चल सकते। लेकिन जो रास्ता वे अख्तियार कर रहे हैं वो आरजेडी तक जाता है। त्यागी ने कहा कि उन्होंने (शरद यादव) लालू यादव के भ्रष्टाचार पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने भ्रष्टाचार से ज्यादा संप्रदायिकता को जहरीला माना। उन्होंने एक बार भी जिनके विरूद्ध जांच एजेंसी की रिपोर्ट आई है उसे खराब नहीं माना। वे नीतीश कुमार के फैसले के पर सवाल उठा रहे हैं। इसलिए ये अंधेरे में तीर चलाने जैसा है और ये बगैर लालटेन के चलेगा नहीं।
बता दें कि शरद यादव बिहार में हैं और उनके जनसंवाद कार्यक्रम का दूसरा दिन है। कार्यक्रम के दौरान वे बिहार के कई जिलों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और उनसे संवाद कर रहे हैं।
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