राजद अध्यक्ष ने कहा कि लोग कहते हैं कि पशुपालन विभाग में बड़ा घोटाला हुआ है, लेकिन भागलपुर का सृजन घोटाला उससे काफी ज्यादा बड़ा है। पिछले 16 सालों से बिहार की जनता की गाढ़ी कमाई को सरकार के संरक्षण में लूटा जा रहा था। इसका आकार 1000 करोड़ तक पहुंच गया है। कई सारी बातें छुपायी जा रही है। जब 2005 में बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनी थी और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी वित्त विभाग दिया गया था, उसी समय से यह घोटाला चल रहा है। एक बार फिर सुशील मोदी को वित्त विभाग दिया गया है। जिस तरह से मेरे उपर पशुपालन घोटाले का आरोप लगाकर कार्रवाई की गई, उसी तरह सुशील मोदी पर भी एफआइआर किया जाये और हथकड़ी लगायी जाये। लालू यादव ने कई सारे फोटो को दिखाते हुए कहा कि इनमें मनोरमा देवी के साथ नीतीश कुमार, सुशील मोदी, भाजपा नेता शहनजवाज हुसैन, मनोज तिवारी सहित कई अधिकारी भी हैं। मनोरमा देवी के मार्फत पैसे को सृजन सहित कई अन्य के खातों में ट्रांसफर कर उसे रियल इस्टेट में इनवेस्ट किया गया। मनोज तिवारी भी रियल इस्टेट का काम कर रहे हैं। पैसे केवल बिहार ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इनवेस्ट किये गये हैं।
इतने साल से यह घोटाला हो रहा था। 2013 में अखबारों में खबर छपने के बाद रिजर्व बैंक के आदेश के बाद जांच कमेटी गठित की गई। लेकिन उसके रिपोर्ट का कुछ पता नहीं चला है। कुछ समय पहले नीतीश कुमार ने अपने अफसरों को एसआइटी की टीम बनाकर भेजा। उन्होंने तुरंत प्रेस-कांफ्रेस कर बता दिया कि ये बड़ा घोटाला है। इसकी राशि बढ़ेगी। इसके बाद कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन छोटे-छोटे गरई मछली को पकड़ा जा रहा है। बड़ी मछली रेहू जो सुशील मोदी हैं, वो कब पकड़े जायेंगे। सीबीआइ जांच होनी चाहिए। इसके बाद ही सारा मामला साफ होगा।
ये सारी जिम्मेवारी फाइनेंस मिनिस्टी की है। तुरंत सुशील मोदी को बर्खास्त करना चाहिए। ट्रेजरी से पैसा निकाल कर कौन ले गया। एनजीओ से सुशील मोदी का जो रिश्ता है, वह साफ पता चल रहा है।
लालू ने पूछे सरकार से सवाल -
सरकारी पैसे को सृजन सहित अन्य खातों में रखने का आदेश किसने दिया?
अारबीआइ ने जब इस मामले की जांच का आदेश दिया तो जांच हुआ कि नहीं। यदि हुआ तो रिपोर्ट का क्या हुआ। उसे सार्वजनिक किया जाये।
यदि कुछ पदाधिकारियों के पत्नियों की तस्वीर भी अखबारों में छपी है, उनके खातों में सृजन के माध्यम से पैसे ट्रांसफर किये गये, उसकी भी जांच की जाये।
सृजन का पैसा देश के बाद और देश के अंदर रियल इस्टेट में लगा है। इसकी जांच होनी चाहिए। इस घोटाले का आकार 1000 करोड़ से भी बड़ा है।
इतना बड़ा घोटाला हो रहा है और सीएम को इसकी जानकारी न हो, ऐसा नहीं हो सकता है। स्टेट की एजेंसी इस घोटाले का जांच नहीं कर सकती है। अत: मेरी मांग है कि इसकी जांच सीबीआइ से होनी चाहिए।
लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार जल्दी से सुशील मोदी को मंत्रिमंडल से बाहर निकालें, नहीं तो राजद विधायक सदन नहीं चलने देगी। जिस आधार पर मेरे उपर केस चला, उसी आधार पर सुशील मोदी पर भी एफआइआर हो।
नीतीश कुमार का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस। अभी तो पूरा खजाना लूटा गया है। हमारी पार्टी सीबीआइ जांच के लिए हर प्रयास करेगी। कैग के पास भी इसकी ऑडिट के लिए जायेगी। इससे पहले लालू ने बड़ा हमला करते हुए कहा कि जदयू को भाजपा का टीम बी कहा जाना चाहिए। अल्पसंख्यक होने के कारण अली अनवर पर कार्रवाई की गई है। नीतीश कुमार भाजपा के समक्ष सरेंडर कर चुके हैं। लालू बोले कि नीतीश चंद दिनों के मेहमान हैं। जान आंदोलन से नहीं मानेंगे तो धक्का धुक्की पटका पटकी करके भगाएंगे। यह लड़ाई 27 की रैली से ख़त्म नहीं होगी। बिहार को आरएसएस से मुक्त कराकर दम लेंगे। इससे पहले उन्होंने मंगल पांडे के आवास पर चार डॉक्टरों की तैनाती पर सवाल उठाया था। पूछा कि पांडेय बताएं उन्हें क्या बीमारी है। डॉक्टर मुझे देखने आते थे तो बीजेपी सवाल उठाती थी। अब सीएम नीतीश अपने मंत्री मंगल पांडेय का इस्तीफ़ा लें।
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