राहुल गांधी ने कहा, ‘सत्ता आने पर न 15 लाख का वादा, न रोजगार का वादा पूरा हुआ। आरएसएस कहती है, यह देश हमारा है, लेकिन अन्य देशवासियों से कह रही है कि तुम इसके नहीं हो। किसानों की आत्महत्या को भाजपा के एक नेता ने मानसिक दिक्कत करार दे दिया। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली जी संसद में कहते हैं कि कर्जमाफी हमारी पॉलिसी नहीं है, अर्थात किसान मर जाए लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। आरएसएस जानती है कि वह अपनी विचारधारा से हिंदुस्तान में चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए हिंदुस्तान की हर संस्था में अब आरएसएस के लोग डाले जा रहे हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, मोदी जी ने ‘मेक इन इंडिया’ दिया लेकिन अधिकतर चीजें ‘मेड इन चाइना’ होती हैं। सच यह है कि मोदी का ‘मेड इन इंडिया’ असफल हो गया है। जहां भी जाते हैं कुछ न कुछ झूठ मोदी जी बोल जाते हैं। अगर हम मिल के लड़ गए ये दिखाई नहीं देंगे। लोकसभा में जेटली जी कहते हैं कर्ज माफ करना हमारी पॉलिसी नहीं है, किसान मर जाए कोई फर्क नहीं पड़ता। जब तक आरएसएस ने हिंदुस्तान में राज नहीं किया तब तक झंडे को सलामी नहीं दी।
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