ग्लोबल टाइम्स आगे लिखता है, 'उत्तर कोरिया को लेकर चीन पूरी गंभीरता से यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के नियमों का पालन कर रहा है। वह उत्तर कोरिया को कोयला, लोहा तथा अन्य सामानों की आपूर्ति पर रोक लगाएगा। अगर कोई भी चीनी कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है तो उन्हें चीनी कानून के तहत सजा दी जाएगी। चीन का कहना है कि अमेरिका ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया है और उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंध एकतरफा और अनुचित हैं। लेख में आगे कहा गया है,किसी एक बात को लेकर अमेरिका यह कैसे कह सकता है कि चीन और उत्तर कोरिया के बीच अवैध व्यापार हो रहा है? दूसरी तरफ वाशिंगटन को को यह अधिकार किसने दिया कि किस वह उस कंपनी पर अपना निर्णय सुना दे जिसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन किया है? इस तरह के प्रतिबंधों से अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन और रूस की छवि धूमिल करना चाहता है। अमेरिका को धमकी देने के अंदाज में ग्लोबल टाइम्स लिखता है, 'अगर इन प्रतिबंधों से अमेरिका को यह लगता है कि वह चीन पर दवाब बना लेगा तो वह भ्रम में है। चीन अमेरिका के खिलाफ वह हर कदम उठा सकता है चो वह चाहता है। अच्छा है कि अमेरिका अपने गिरेबां में झांके।
Author: JAN TV Editorial Team
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