रोहिंग्या शरणार्थियों को अगर आश्रय दिया तो सुरक्षा पर संकट होगा-भागवत
(India)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में दशहरा रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर के अलावा समान नागरिक संहिता और म्यांमार की रोहिंग्या शरणार्थी समस्या का जिक्र किया। डोकलाम में भारत की रणनीति और धैर्य की भी संघ प्रमुख ने अपने भाषण में तारीफ की। इस दौरान भागवत ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार पर उठाए गए कदम की सराहना की। कश्मीरी पंडित नागरिक अधिकारों से वंचित हैं। अलगाववादियों पर सख्ती जारी रखते हुए वहां के नागरिकों को आत्मीयता का अनुभव कराना चाहिए, इसके लिए नए प्रावधान बनाने पड़े तो बनाना चाहिए, पुराने प्रावधान हटाने पड़े तो हटाना चाहिए। केरल और बंगाल के हालात आपको पता हैं। वहां जिहादी ताकतें सक्रिय हैं। हम अब तक बांग्लादेश के शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहे हैं। रोहिंग्या शरणार्थियों को अगर आश्रय दिया तो रोजगार पर भार और सुरक्षा पर संकट होगा। मानवता की बात ठीक है पर उसके लिए कोई अपने मानवों को समाप्त करे ये ठीक नहीं। वह वहां से यहां क्यों आए हैं। वहां क्यों नहीं रह सकते। सारी जानकारी लेते हैं तो ध्यान आता है कि उनकी अलगाववादी, हिंसक और आपराधिक गतिविधियां इसका कारण हैं। जिहादी ताकतों से उनके संबंध वहां पर उजागर हो गए। इसलिए उस देश के शासन का रवैया भी उनके प्रति कड़ा ही है।

Digital Desk: Kamal

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